Young girl smiling in class Close up head shot of boy in school Girl holding hand up, with teacher at white board
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व्यवहार संहिता के चरण (Stages of Code of Practice)

बच्चे की पहचान और कार्रवाई के लिए पांच-चरणों के उपागम का प्रयोग किया जाता है। चरण 1 और 2 बच्चे के स्कूल द्वारा किए जाते हैं और माता-पिता को सूचित किया जाता है कि क्या हो रहा है। चरण 3 पर स्कूल बाहरी मदद के लिए अनुरोध कर सकता है, जैसे शैक्षिक मनोवैज्ञानिक से। चरण 4 में वैधानिक मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यहीं पर विशेष शिक्षा भाग की भागीदारी शुरू होती है। विभिन्न चरणों की रूपरेखा नीचे दी गई है।

 

स्कूल आधारित चरण

चरण 1

 

स्कूल में, कक्षा अध्यापक बच्चे के सीखने के बारे में किसी चिंता को नोट करता/करते हैं और बच्चे के माता-पिता से परामर्श से उपयुक्त कार्रवाई करते हैं। समूची मूल्यांकन प्रक्रिया में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अध्यापक की चिंताओं के बारे में विशेष आवश्यकता समन्वयक और प्रधानाचार्य को जानकारी दी जानी चाहिए।

 

चरण 2

 

यदि चरण 1 की कार्रवाई स्थिति का निदान नहीं कर पाती, तो स्कूल का विशेष आवश्यकताओं के लिए जिम्मेदार अध्यापक (सेनको) शामिल हो जाता है। बच्चे के लिए एक कार्यक्रम बनाया जाना चाहिए और बच्चे की प्रगति की नियमित रूप से निगरानी की जानी चाहिए। यदि समस्या बनी रहती है, तो स्कूल चरण 3 पर जाता है।

 

चरण 3

 

स्कूल के बाहर से विशेषज्ञ सहायता या सलाह का अनुरोध किया जाता है जैसे शैक्षिक मनोवैज्ञानिक और कार्यक्रम में संशोधन किया जाता है। और परामर्श के बाद, माता-पिता और इसमें शामिल पेशेवर बोर्ड से वैधानिक मूल्यांकन करने के लिए कह सकते हैं।

 

चरण 1 से 3 प्रवाह आरेख

बोर्ड आधारित चरण

चरण 4

 

चरण 4 में वैधानिक मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। बच्चे के स्कूल, माता-पिता और किसी अन्य उपयुक्त एजेंसी के सहयोग से बोर्ड तय करेगा कि मूल्यांकन जरूरी है या नहीं, और यदि जरूरी होगा, तो मूल्यांकन करेगा। वैधानिक मूल्यांकन के बाद हमेशा विवरण-पत्र नहीं बनाया जाता।

बोर्ड निम्नलिखित से बच्चे के बारे में लिखित सलाह का अनुरोध करेगा :

 

  • स्कूल

  • चिकित्सा अधिकारी

  • शैक्षिक मनोवैज्ञानिक

  • और कोई अन्य प्रासंगिक एजेंसी

 

अपनी बात कहने के लिए माता-पिता को भी आमंत्रित किया जाता है। सभी जानकारी मिलने के बाद, बोर्ड को अवश्य तय करना होता है कि विवरण-पत्र बनाया जाए या नहीं।

 

चरण 5

 

विवरण-पत्र जारी करने में शामिल है कि या तो बोर्ड मुख्य धारा के स्कूल में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध करवाएगा या संकेत करेगा कि बच्चे के लिए स्कूल बदलना जरूरी हो सकता है।

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