कानून कहता है कि स्कूलों को विवाहित होने की स्थिति में सभी वास्तविक माता-पिताओं का पंजीकरण करना चाहिए, क्योंकि उन सबकी अपने बच्चों के प्रति माता-पिता की जिम्मेदारी होती है। बच्चे के साथ रहना बंद करने के बावजूद माता-पिता की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, जब तक कि बच्चे को गोद न ले लिया जाए। यह हर माता-पिता की तब भी होती है, जब वे अलग हो जाएं या तलाक हो जाए। कानून यह भी कहता है कि स्कूलों को किन्हीं अन्य व्यक्तियों के नाम भी पंजीकृत करने चाहिए, जिनकी बच्चे के प्रति माता-पिता की जिम्मेदारी हो।
कानून यह भी कहता है कि जो लोग बच्चों की देखभाल करते हैं, लेकिन जिनकी माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं है, जैसे सौतेले माता-पिता, अन्य रिश्तेदार या पोषित माता-पिता, उन्हें उनके सर्वोत्तम कल्याण के लिए रोजाना के फैसले विचार-पूर्ण ढंग से लेने चाहिए।
स्कूल तब तक आपके बच्चे की ठीक ढंग से देखभाल नहीं कर सकते, जब तक वे यह नहीं जानते कि कानून के अंतर्गत, उसकी जिम्मेदारी और अधिकार किसके पास हैं, और वह कहां रहता है।
माता-पिता की जिम्मेदारी क्या है?
मुझे माता-पिता की जिम्मेदारी कैसे मिलेगी?
माता-पिता की जिम्मेदारी लेना महत्वपूर्ण क्यों है?
स्कूलों को यह जानने की क्या जरूरत है कि माता-पिता की जिम्मेदारी किसके पास है?
मुझे और सलाह कहां मिल सकती है?
माता-पिता की जिम्मेदारी क्या है?
माता-पिता की जिम्मेदारी सभी अधिकार, कर्तव्य, शक्तियां हैं। जिम्मेदारियां और सत्ता जो कानून के अनुसार बच्चे और उसकी संपदा के संबंध में बच्चे के माता-पिता के पास होती हैं। बाल (उत्तरी आयरलैंड) आदेश 1995 धारा 6(1)।
मुझे माता-पिता की जिम्मेदारी कैसे मिलेगी?
जब वास्तविक माता-पिता अविवाहित होते हैं, तो कानून कहता है कि बच्चों के लिए केवल माता की माता-पिता की जिम्मेदारी होती है, लेकिन अविवाहित पिता अपने हिस्से की माता-पिता की जिम्मेदारी प्राप्त कर सकता है या तोः-
माता के साथ बच्चे के जन्म को संयुक्त रूप से पंजीकृत करवाकर (15 अप्रैल 2002 को या उसके बाद लागू होता है)
माता से विवाह करके
माता के साथ कानूनी अनुबंध पर हस्ताक्षर करके
अदालत से माता-पिता की जिम्मेदारी का आदेश प्राप्त करके
बच्चे के साथ रहने वाले अन्य वयस्क, जैसे सौतले माता-पिता या महा माता-पिता अदालत से निवास आदेश मांग कर माता-पिता की जिम्मेदारी में हिस्सा प्राप्त कर सकते हैं। यह उन्हें तब तक बच्चे की जिम्मेदारी और सत्ता देता है, जब तक वे साथ-साथ रहते हैं।
मूल माता-पिता अपने हिस्से की माता-पिता की जिम्मेदारी केवल तभी खोते हैं, जब बच्चे को गोद ले लिया जाता है। उनके पास माता-पिता की जिम्मेदारी हमेशा होता है, चाहे कितने ही व्यक्ति उनके साथ उसमें साझा करें।
माता-पिता की जिम्मेदारी लेना महत्वपूर्ण क्यों है?
आपको अपने परिवार में बच्चों के बारे में फैसलों में कुछ कहने का अधिकार होगा। दाखिला, स्थानांतरण आदि मामलों में फैसले लेने से पहले स्कूलों को आपसे सलाह लेनी होगी। जीसीएससी विकल्प आदि
इससे अध्यापकों, डाक्टरों और अन्य लोगों को यह जानने में मदद मिलेगी कि फैसले लेते समय किससे संपर्क करना है।
इससे उन बच्चों और आपके बीच संबंध मजूबत होंगे, जिनकी आप देखभाल करते हैं।
स्कूलों को यह जानने की क्या जरूरत है कि माता-पिता की जिम्मेदारी किसके पास है?
कानून कहता है कि स्कूलों को माता-पिता की जिम्मेदारी वाले व्यक्तियों को उनके बच्चों की शिक्षा के बारे में इन माध्यमों से सूचना देते रहना चाहिएः-
उन सभी को उनके बच्चे की वार्षिक रिपोर्ट भेजकर
उन सभी को उनके बच्चे की प्रगति पर चर्चा के लिए स्कूल में आमंत्रित करके
उन सभी को उनके बच्चे की शिक्षा के बारे में फैसलों में शामिल करके
कानून कहता है कि माता-पिता की जिम्मेदारी वाले सभी व्यक्तियों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।
मुझे और सलाह कहां मिल सकती है?
यदि आपके परिवार में सौतले माता-पिता या अविवाहित पिता शामिल है, जो यह जानना चाहते हैं कि माता-पिता की जिम्मेदारी कैसे प्राप्त की जा सकती है, तो अपने निम्नलिखित से पूछिएः
आपका स्कूल शिक्षा कल्याण अधिकारी भी आपको अधिकारों पर सलाह ढूंढ़ने में मदद कर सकती/सकता है।