Young girl smiling in class Close up head shot of boy in school Girl holding hand up, with teacher at white board
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बाल रक्षा – सभी की जिम्मेदारी (Child Protection - Everybody’s Responsibility)

बच्चों और युवाओं के साथ काम करने वाले सभी वयस्कों की उनके कल्याण की जिम्मेदारी है।  हर स्कूल की जिम्मेदारी है कि वह सभी शिष्यों के कल्याण का प्रोत्साहन और रक्षा करे। यह कर्तव्य शिक्षा और पुस्तकालय (एनआई) आदेश 2003 के कानून भाग 4 शिष्यों का कल्याण और रक्षा, धारा 17, 18 और 19 संचालक बोर्ड के कर्तव्य में निर्धारित किया गया है

 

अध्यापक हर रोज युवाओं के साथ अपनी कक्षाओं/स्कूल में अनेक घंटे बिताते हैं और चिंता के किसी संभावित कारण को पहचानने और प्रतिक्रया करने की दृष्टि से अच्छी स्थिति में होते हैं। हर स्कूल में विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारी होते हैं – बाल रक्षा के लिए एक निर्दिष्ट और उप निर्दिष्ट अध्यापक – जो अपने स्कूल में बाल रक्षा नीति पर नजर रखते हैं। बाल रक्षा नीति में साफ तौर से निर्धारित होता है कि स्कूल बाल रक्षा के मुद्दों पर कैसे प्रतिक्रया करेगा। हर माता-पिता को इस नीति की एक प्रति दी जानी चाहिए।

 

स्कूल बाल रक्षा प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें अन्य पेशेवरों के साथ काम करके, सभी बच्चों के कल्याण को प्रोत्साहन और रक्षा देकर देखभाल के अपने कर्तव्य को पूरा करना चाहिए।

बाल रक्षा क्या है?

 

बाल रक्षा जांच में क्या शामिल है?

 

यदि छानबीन से निष्कर्ष निकलता है कि चिंता का कोई कारण नहीं है, तो क्या होता है?

 

यदि दुर्व्यवहार का पता चलता है, तो क्या होता है?

 

चिकित्सा परीक्षण का क्या उद्देश्य है?

 

क्या माता-पिता को चिकित्सा परीक्षण से सहमत होना चाहिए?

 

क्या बच्चों को उनके माता-पिता से दूर ले जाया जाएगा?

 

बाल रक्षा रजिस्टर क्या है?

 

बाल रक्षा योजना क्या है?

 

मुख्य कर्मचारी क्या है?

 

'जोखिम मूल्यांकन' क्या है?

 

और कौन शामिल होगा?

 

बाल रक्षा मामला सम्मेलन क्या है?

 

ऐसी बैठकें क्यों बुलाई जाती हैं?

 

माता-पिता क्या कर सकते हैं?

 

इन सम्मेलनों में क्या होता है?

 

आगे क्या होगा?

 

यातायात/बाल देखरेख में मदद

 

दुभाषिए

 

सम्मेलन के बाद क्या होगा?

 

अपील प्रक्रिया

बाल रक्षा क्या है?

'बाल रक्षा' वे शब्द हैं, जिनका प्रयोग हम तब करते है, जब बाल दुर्व्यवहार के आरोपों की छानबीन की जानी होती है। तथापि, बाल रक्षा केवल किसी विशिष्ट घटना की छानबीन ही नहीं है, जिसमें बालक/बालकों को नुकसान पहुंचाया गया हो। इसमें बच्चों और उनके परिवारों की जरूरतों का भली-भांति मूल्यांकन शामिल है, जिससे कि प्रभावी सहायता और समर्थन दिया जा सके। सहायता और समर्थन से बच्चों का कल्याण बढ़ना चाहिए और साथ ही महत्वपूर्ण नुकसान से उनकी रक्षा होनी चाहिए।

 

जिस किसी को भी यह चिंता हो कि कोई बच्चा नुकसान या दुर्व्यवहार के जोखिम में हो सकता है, तो उसे सामाजिक सेवाओं, एनएसपीसीसी या पुलिस को सलाह देनी चाहिए। इसे 'संदर्भ' देना कहा जाता है। संदर्भ पड़ोसियों, दोस्तों, संबंधियों, बच्चे के अध्यापक, नर्स या डॉक्टर जैसे पेशेवर या खुद माता-पिता से आ सकते हैं। कभी-कभी संदर्भ देने वाला व्यक्ति अज्ञात हो सकता है या अन-पहचाना बने रहने पर जोर दे सकता है। ऐसे मामलों में माता-पिता को संदर्भ के स्रोत का खुलासा करना संभव नहीं होता।

 

बाल रक्षा जांच में क्या शामिल है?

बाल रक्षा की छानबीन साझे की जिम्मेदारी है। इसमें अनेक अभिकरण शामिल हैं, उदाहरण के लिए, सामाजिक सेवाएं, एनएसपीसीसी , पुलिस, डाक्टर, नर्स, स्कूल और परिवीक्षा बोर्ड। हर अभिकरण की अपनी-अपनी कार्य-प्रणाली है, जिसका पालन किया जाना चाहिए। ये कार्य-प्रणालियां क्षेत्रीय बाल रक्षा समितियों की बाल रक्षा नीति और कार्य-प्रणाली में साफ तौर से निर्धारित हैं। छानबीन का लक्ष्य यह तय करना है कि बच्चे/बच्चों को क्या जोखिम है, यदि हो। जब कोई छानबीन होती है, तो एक या अधिक पेशेवर माता-पिता से मिलने की व्यवस्था करते हैं, जिससे कि उनसे चिंताओं के बारे में बात की जा सके और मामले पर उनके विचार सुन सकें। यह आम तौर से सामाजिक कार्यकर्ता होता है। कभी-कभी छानबीन संयुक्त होती है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता और पुलिस अधिकारी एक साथ परिवार से मिलते हैं। वे माता-पिता की जिम्मेदारी वाले किसी व्यक्ति से भी संपर्क करते हैं और निश्चित रूप से, जहां उपयुक्त हो, वे बच्चे/बच्चों से भी बात करते हैं। उन पेशेवरों से भी पूछताछ की जाती है, जो परिवार को भली-भांति जानते हैं, उदाहरण के लिए, अध्यापक। चिकित्सा परीक्षणों की जरूरत भी हो सकती है। इनके लिए माता-पिता की सहमति की जरूरत होती है।

छानबीन विस्तृत होनी चाहिए जिससे कि परिवार के बारे में यथासंभव पूरी तस्वीर मिल सके और बच्चे/बच्चों के हित में सूचना की भली-भांति जांच हो सके। जहां तक संभव हो, माता-पिता को छानबीन के हर चरण की जानकारी होनी चाहिए और उनसे सलाह ली जानी चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि परिवार चिंता के कारण जानते हों और हर शामिल अभिकरण की भूमिका समझते हों।

 

यदि छानबीन से निष्कर्ष निकलता है कि चिंता का कोई कारण नहीं है, तो क्या होता है?

कभी-कभी छानबीन से निष्कर्ष निकलता है कि चिंता का कोई कारण नहीं है, और उस स्थिति में मामला आगे नहीं जाता। सामाजिक कार्यकर्ता या वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता परिवार को लिखकर परिणाम की जानकारी देगा।

 

यदि दुर्व्यवहार का पता चलता है, तो क्या होता है?

यदि यह माना जाता है कि बच्चे के साथ दुर्व्यवहार हुआ है, तो यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाएं की जानी चाहिए कि वह भविष्य में रक्षित है। सामाजिक सेवाएं और अन्य पेशेवर तय करेंगे कि इसे सर्वोत्तम ढंग से कैसे हासिल किया जा सकता है। वे इस बारे में परिवार से सलाह लेंगे। आरंभिक बाल रक्षा मामला सम्मेलन आयोजित करना जरूरी हो सकता है।

 

चिकित्सा परीक्षण का क्या उद्देश्य है?

बच्चे को चिकित्सा परीक्षण की जरूरत हो सकती है। यह छानबीन में मदद के लिए जरूरी हो सकता है। अधिक महत्वपूर्ण रूप से इसकी यह पता करने के लिए आवश्यकता हो सकती है कि क्या कोई इलाज की जरूरत है। यह परीक्षण बच्चे और/या माता-पिता की आशंका दूर करने में मदद कर सकता है। परीक्षण विशेष प्रशिक्षण प्राप्त डाक्टर द्वारा किया जाएगा। माता-पिता, या कोई अन्य चिकित्सा परीक्षण के लिए बच्चे के साथ जा सकता है, जिस पर बच्चा भरोसा करता हो।

 

क्या माता-पिता को चिकित्सा परीक्षण से सहमत होना चाहिए?

शामिल पेशेवर परिवारों के साथ साझेदारी में काम करने के लिए वचनबद्ध हैं। वे, जहां भी संभव होगा, माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से बाल रक्षा प्रक्रिया के हर चरण में विचार लेंगे। चिकित्सा परीक्षण के लिए माता-पिता की सहमति ली जाएगी। यदि बच्चे को इतना बड़ा माना जाएगा कि वह स्वतंत्र रूप से समझ सके और कार्रवाई कर सके, तो उसके विचार भी लिए जाएंगे। छानबीन के दौरान बच्चे के हित हमेशा सबसे प्रमुख रहेंगे। यदि बच्चा चिकित्सा परीक्षण नहीं करवाना चाहता या यदि इसे बहुत अधिक सदमे वाला समझा जाएगा, तो इसे नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर यदि माता-पिता अनुमति देने से मना करते हैं और स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा न्यास सोचता है कि यह मुनासिब नहीं है, तो यह बच्चे के साक्षात्कार या चिकित्सा परीक्षण के दिशा-निर्देश के लिए अदालत को आवेदन कर सकता है। जब ऐसा होता है, तो माता-पिता को कानूनी सलाह लेनी चाहिए।

 

क्या बच्चों को उनके माता-पिता से दूर ले जाया जाएगा?

अनेक माता-पिता चिंतित और भयभीत हो जाते हैं कि उनके बच्चों को घर से दूर ले जाया जाएगा। अधिकतर मामलों में, ऐसा नहीं होता। हर संभव प्रयास किए जाते हैं कि परिवारों को साथ रखा जाए। अधिकांश बच्चे घर पर रहते हैं और उन्हें और उनके परिवारों को मदद करने के लिए उपयुक्त सेवाएं दी जाती हैं। स्वभावतः माता-पिता की सहमति, सहयोग और प्रतिभाग बहुत महत्वपूर्ण हैं। तथापि, बच्चों की सुरक्षा और कल्याण पहले आना चाहिए। यदि मामले के सम्मेलन के लोग सोचते हैं कि बच्चे को घर पर गंभीर जोखिम है, तो वे सिफारिश कर सकते हैं कि उसे किसी और की देखरेख में रखा जाए। यह कभी-कभी माता-पिता की सहमति से हो सकता है। दूसरी स्थितियों में इसमें अदालत जाना शामिल हो सकता है, और यह भी माता-पिता की सहमति से हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो माता-पिता और बच्चे, अपनी उम्र के आधार पर, अदालत को अपने विचार बता सकते हैं। परिवारों को अदालत की सुनवाई में मदद के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व लेना चाहिए। मामला सम्मेलन अदालत जाने के बारे में अंतिम निर्णय नहीं लेता। यह सामाजिक सेवाओं की ज़िम्मेदारी है। यह निर्णय कभी भी हल्के तौर पर नहीं लिया जाता। केवल असाधारण स्थितियों में मामले अदालत में ले जाए जाते हैं और यह हमेशा बच्चे के सर्वोत्तम हित में होता है।

 

बाल रक्षा रजिस्टर क्या है?

यह रजिस्टर ऐसे बच्चों की सूची है, जिनके बारे में मालूम है या माना जाता है कि उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ है या वे किसी रूप में घायल हुए हैं, या जिनके बारे में माना जाता है कि वे चोट, दुर्व्यवहार या उपेक्षा के जोखिम में हैं। यह रजिस्टर सामाजिक सेवा विभाग रखता है। यह सख्त रूप में गोपनीय है और इसकी सूचना केवल स्वास्थ्य आगंतुकों, अध्यापकों, डाक्टरों, पुलिस अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं जैसे पेशेवर लोगों को उपलब्ध की जाती है।

 

यदि आपके बच्चे का नाम रजिस्टर में लिखा गया है, तो इसका यह अर्थ नहीं है कि यह हमेशा के लिए इसमें रहेगा। लगभग तीन महीनों में इस बात पर विचार के लिए दूसरा सम्मेलन होगा कि आपके बच्चे का नाम रजिस्टर में रहना चाहिए या नहीं। यदि फैसला हां में होता है, तो मामले पर फिर से छह महीने में विचार किया जाएगा। जब यह महसूस किया जाएगा कि अब आपके बच्चे को जोखिम नहीं है, तो उसका नाम रजिस्टर से हटा दिया जाएगा।

 

बाल रक्षा योजना क्या है?

जिन बच्चों के नाम बाल रक्षा रजिस्टर में होते हैं, उनकी बाल रक्षा योजना होती है। योजना को यह स्पष्ट करना चाहिए कि बच्चे की रक्षा में मदद में योगदान करने वाले हर अभिकरण से क्या अपेक्षा है। योजना को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि बच्चे का जोखिम कम करने के लिए माता-पिता से क्या अपेक्षा है। इस योजना को तैयार करने में माता-पिता को शामिल किया जाएगा।

 

पेशेवरों और माता-पिता/देखभालकर्ताओं को केंद्रीय समूह बैठक में योजना का विवरण तैयार करना चाहिए, जो बाल रक्षा सम्मेलन के बाद आयोजित की जाएगी। योजना का लक्ष्य हैं:-

 

  • और नुकसान से बच्चे की रक्षा;

  • बच्चे के स्वास्थ्य और विकास को प्रोत्साहन; और

  • इसे परिवार और परिवार के व्यापक सदस्यों की सहायता के लिए अपने बच्चे के कल्याण के प्रोत्साहन के लिए, बच्चे के सर्वोत्तम हित में प्रदान करना।

 

बाल रक्षा योजना को निर्धारित करना चाहिए कि क्या काम किए जाने की जरूरत है, क्यों, कब, और किसे। योजना में होना चाहिएः-

 

  • बच्चे की पहचानी गई जरूरतों और जरूरी चिकित्सीय सेवाओं का वर्णन करना;

  • विशिष्ट, हासिल करने योग्य, बच्चे की रक्षा पर लक्षित उस पर केंद्रित उद्देश्य और उसके कल्याण का प्रोत्साहन शामिल होता है;

  • उद्देश्य हासिल करने के लिए व्यावहारिक नीतियां और विशिष्ट कार्रवाई शामिल होती है;

  • पेशेवरों द्वारा बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ संपर्क की प्रकृति और बारंबारता सहित, पेशेवरों और परिवार के सदस्यों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को साफ तौर से पहचानती है;

  • वे बिंदु, जिन पर प्रगति की समीक्षा होगी, और माध्यम, जिन पर प्रगति का मूल्यांकन होगा, निर्धारित करती है; और

  • बच्चे के साथ नियमित संपर्क करने वाले पेशेवरों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को साफ तौर से निर्धारित करती है, जैसे स्वास्थ्य आगंतुक, जीपी और अध्यापक, और साथ ही बच्चे और परिवार के लिए कोई विशेषज्ञ या लक्षित सहायता।

 

बाल रक्षा योजना को बच्चे की इच्छाओं और भावनाओं, और माता-पिताओं के विचारों पर गौर करना चाहिए, जब तक कि ये बच्चे के कल्याण के समरूप हों। मुख्य कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित करने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए कि बच्चों और माता-पिताओं को योजना के उद्देश्यों की स्पष्ट समझ है, और वे इसे स्वीकार करते हैं और इस पर काम करने के लिए तैयार हैं। योजना को परिवार के साथ उनकी भाषा में तैयार किया जाना चाहिए। यदि बच्चे की सर्वोत्तम रक्षा के लिए परिवार के सदस्यों की वरीयताएं स्वीकार नहीं की जातीं, तो इसके कारण स्पष्ट किए जाने चाहिए। परिवारों को उनके शिकायत और प्रतिवेदन करने के अधिकार, और उसे करने के तरीके के बारे में बताया जाना चाहिए।

 

मुख्य कार्यकर्ता क्या है?

मुख्य कार्यकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता होता है, जो मामला सम्मेलन में नियुक्त किया जाता है, और जो माता-पिता और अन्य अभिकरणों के साथ बच्चे के किसी जोखिम को कम करने के सर्वोत्तम तरीके की योजना बनाने के लिए जिम्मेदार होता है।

मुख्य कार्यकर्ता ही वह व्यक्ति भी होता है, जिसके साथ अन्य कार्यकर्ता जुड़ते हैं, यदि उनकी और चिंताएं हों और जिसे कोई घटना रिपोर्ट की जा सकती है। इसका अर्थ यह है कि वे स्थिति का सिंहावलोकन कर सकते हैं और किसी बढ़ रही चिंताओं को ढूंढ़ सकते हैं जिससे कि, यदि जरूरी हो, तो मदद की व्यवस्था की जा सके।

 

'जोखिम मूल्यांकन' क्या है?

यह वह नाम है, जो उस विस्तृत रिपोर्ट को दिया जाता है, जो बच्चे का नाम बाल रक्षा रजिस्टर में लिखे जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य पेशेवरों को पूरी करनी होती है। इस सूचना के आधार पर, उन योजनाओं के बारे में चर्चा की जाती है कि माता-पिता और बच्चों को सर्वोत्तम संभावित मदद देने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।

 

और कौन शामिल होगा?

माता-पिता और मुख्य कार्यकर्ता के साथ पेशेवरों का केंद्रीय समूह (जैसे स्वास्थ्य आगंतुक, अध्यापक) काम करता है, जिससे कि परिवार की स्थिति को और पूरी तरह समझा जा सके। फिर यह सूचना बच्चों के लिए और सहायता और रक्षा के बारे में फैसले लेने के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है।

 

बाल रक्षा मामला सम्मेलन क्या है?

यह विभिन्न अभिकरणों के लोगों की बैठक होती है, उदाहरण के लिए, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वास्थ्य आगंतुक, जीपी, पुलिस और अध्यापक।

 

ऐसी बैठकें क्यों बुलाई जाती हैं?

बच्चे/बच्चों की देखभाल के बारे में सरोकारों और चिंताओं पर विचार करने के लिए।

 

माता-पिता क्या कर सकते हैं?

सामाजिक कार्यकर्ता उनके साथ इस बारे में बात करेगी/करेगा कि सम्मेलन के क्या कारण हैं और उन बैठकों में क्या होता है।

 

वे आपके वकील, स्थानीय नागरिक सलाह ब्यूरो या परिवार अधिकार समूह से भी सलाह करने की इच्छा कर सकते हैं

 

इन सम्मेलनों में क्या होता है?

परिवारों के साथ शामिल सभी अभिकरण उस सूचना को साझा करेंगे, जो बच्चे/बच्चों की देखभाल के बारे में सरोकारों और चिंताओं से संबंधित हो।

 

यह महत्वपूर्ण है कि माता-पिता यह सुनने के लिए उपस्थित हों लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि बैठक के अन्य लोग भी सुनें कि माता-पिता क्या कहना चाहते हैं।

 

हम समझते हैं कि माता-पिता आशंकित महसूस कर सकते हैं, और यदि उन्हें लगता है कि उन्हें कुछ सहायता चाहिए, तो उन्हें रिश्तेदार या दोस्तों को साथ लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

 

आगे क्या होगा?

इसके बाद इस बारे में फैसले लिए जाते हैं और सिफारिशें की जाती हैं कि बच्चे/बच्चों की रक्षा और परिवारों की मदद के लिए क्या कार्रवाई जरूरी है।

 

यातायात/बाल देखरेख में मदद

यदि माता-पिता को यातायात या बच्चे की देखरेख में मदद की जरूरत है, जिससे कि वे बैठक में उपस्थित हो सकें, तो सामाजिक कार्यकर्ता इसका इंतज़ाम करने की कोशिश करेगा।

 

दुभाषिए

हो सकता है कि अंग्रेजी माता-पिता कि पहली भाषा न हो, इसलिए यदि माता-पिता सोचते हैं कि उन्हें दुभाषिए की जरूरत है, तो उन्हें सामाजिक कार्यकर्ता को जल्दी से जल्दी बता देना चाहिए, जिससे कि दुभाषिए की व्यवस्था की जा सके।

 

सम्मेलन के बाद क्या होगा?

बैठक में माता-पिता के साथ फैसलों और सिफारिशों पर चर्चा की जाती है और उन्हें लिखित रूप में भी जानकारी दी जाती है।

 

अपील प्रक्रिया

यदि माता-पिता किसी फैसले से नाखुश हैं, तो उन्हें अधिक जानकारी के लिए अपने सामाजिक कार्यकर्ता से संपर्क करना चाहिए।

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